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Archive for the ‘Magazine Issues’ Category

  • क्या है जीएसटी बिल और क्या होंगे इसके फायदे

    on Jul 21, 17 • in Cover Story, Issue, Magazine Issues • with No Comments

    GST

    जीएसटी आम लोगों के कल्याण की दिशा में योगदान करने के साथ ही व्यवसायियों के लिए भी हितकर है।  यह  आतंकवाद और इंस्पेक्टर राज को समाप्त कर बिजनसमैन की मदद करेगा। किसी शब्द की नई परिभाषा देने के लिए मशहूर पीएम मोदी ने जीएसटी को गुड ऐंड सिंपल टैक्स करार दिया। संसद के सेंट्रल हाल में जीएसटी शुरू करने के कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए देश के वित्त मंत्री अरुण जेटली ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि एनडीए 2003 में नितिन गोलाकर की अगुवाई में एक रिपोर्ट तैयार की गई। और

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  • धैर्य और संयम के साथ करें इंतजार, फल मीठा ही मिलेगा

    on Jul 20, 17 • in Editorial, Magazine Issues • with No Comments

    एसटी के औपचारिक तौर पर लागू हो जाने के बाद समझ में आ रहा है कि इसे जमीन पर उतारना कितना मुश्किल है। आज भी इसे लेकर तरह-तरह की भ्रांतियों और आशंकाओं का बाजार गर्म है। कारोबारियों का एक तबका बेवजह आतंकित हो गया है। इससे संदेह होता है कि या तो सरकार की तरफ से लोगों को ठीक से जानकारी नहीं दी गई, या फिर इसके सिद्धांत और व्यवहार में बहुत बड़ा फासला है। यूं तो जीएसटी के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला एक महीने पहले से चल रहा था, लेकिन इसके लागू होते

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  • ध्वनि प्रदूषण न हिन्दू न मुस्लिम, केवल हानिकारक

    on Jul 14, 17 • in Magazine Issues, Other Story • with No Comments

    अनेकता में एकता जैसी विशेषता के लिए जो भारतवर्ष पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान रखता था वही भारतवर्ष इन दिनों सांप्रदायिकतावादी,जातिवादी तथा क्षेत्रवाद जैसी विडंबनाओं का शिकार हो रहा है। जिस देश के अधिकांश लोग धर्मनिरपेक्ष तथा उदारवादी माने जाते रहे हों उसी स्वर्गरूपी देश में इन दिनों नफरत,वैमनस्य तथा हिंसा का ज़हर घुलता जा रहा है। इसके लिए तरह-तरह के बहाने तलाश किए जा रहे हैं। वर्ग विशेष के लोग अपने ही समाज के किसी दूसरे वर्ग के लोगों पर निशाना साधने के कोई न कोई बहाने तलाश कर रहे हैं। ऐसे वातावरण

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  • मानवाधिकार की रक्षा के बहाने आतंकवादियों की मदद की अमेरिकी साजिश?

    on Jul 14, 17 • in International, Magazine Issues • with No Comments

    अमेरिका के इराक में हुए हस्तक्षेप के परिणामस्वरूप सद्दाम हुसैन तो सत्ता से ज़रूर हट गया परंतु इस घटनाचक्र में सद्दाम हुसैन की सेना और बाथ पार्टी से जुड़े तमाम लोग जो बेरोजग़ार हो चुके थे तथा अमेरिकी सैन्य गठबंधन की नजऱों में भरोसेमंद भी नहीं थे उन्होंने तथा अलकायदा से अलग-थलग हुए लोगों ने मिलकर ही आईएसआईएस नामक आतंकी संगठन का गठन कर लिया। और एक बड़ी पश्चिमी साजिश के तहत सीरिया में सत्तारुढ़ बशर-अल-असद के विरुद्ध विद्रोह कर डाला। अमेरिका ने 2003 में अपने सहयोगी देशों की सेनाओं के साथ इराक पर इस

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  • व्यापम पर कैग रिपोर्ट के निहितार्थ

    on Jul 14, 17 • in Cover Story, Magazine Issues • with No Comments

    भाजपा द्वारा मध्यप्रदेश को विकास के माडल के तौर पर प्रस्तुत किया जाता रहा है, लेकिन राजनैतिक शुचिता, ईमानदार मूल्यों और आदर्शों की बात करने वाले भाजपा के शासनकाल में व्यापमं जैसा घोटाला हुआ जिसने मध्य प्रदेश को देश ही नहीं पूरी दुनिया में बदनाम किया है. यह भारत के सबसे बड़े और अमानवीय घोटालों में से एक है जिसने सूबे के लाखों युवाओं के अरमानों और कैरियर के साथ खिलवाड़ करने का काम किया है. इस घोटाले की चपेट में आये ज्यादातर युवा गरीब, किसान, मजदूर और मध्यम वर्गीय परिवारों से हैं जो तमाम

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  • बरेली हादसा : सरकार बदलने से सिस्टम नहीं बदलता

    on Jul 14, 17 • in Cover Story, Magazine Issues • with No Comments

    22 लोगों की मौत का जिम्मेवार कौन है? क्या ट्रांसपोर्ट विभाग की लापरवाही से इन लोगों के जीने का अधिकार नहीं छीन गया? क्या मुआवजे की रकम से इन मृतकों के परिवार का जीवन व्यतीत हो जाएगा. ये ऐसे सवाल है जो बरेली हादसा के बाद उत्पन होते है. सवाल है कि यूपी रोडवेज विभाग क्या इस दुर्घटना की जिम्मेवारी लेगा? क्या वो ड्राइवर जिम्मेदार है जिसकी जगह हेल्पर बस चला रहा था. आखिर इन मृतकों का कसूर क्या था? यूपी में नई सरकार को तीन महीने हो गए है. सबकुछ बदलने का दावा करने

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  • मोदी जी का विपक्ष : कौन हो, कैसा हो

    on Jul 14, 17 • in Magazine Issues, National, Politics • with No Comments

    मजबूत विपक्ष स्वस्थ लोकतंत्र की आवश्यक आवश्यकता है मगर जिस तरह पिछले कुछ समय से चुनाव दर चुनाव विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी की आंधी में उड़ते जा रहे हैं और बड़े विपक्षी नेता इस परिवार में जुड़ते जा रहे हैं उससे एक गंभीर सवाल उत्पन्न हो गया है कि कैसा होगा भाजपा का विपक्ष? कौन होंगे वो चेहरे जो मोदी जी के तूफान को थामने के लिए आगे आयेंगे? कौन होंगे वो नाविक जो विपक्ष की पतवार को भाजपा के पक्ष में बह रही लहरों के प्रतिकूल मझधार के पार ले जायेंगे. यह सवाल

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  • राजनीति में उड़ता विकलांगता का मजाक

    on Jul 14, 17 • in Magazine Issues, Politics • with No Comments

    कुछ ही दिनों पहले सत्यदेव पचौरी अपने विभाग के एक दफतर के औचक निरीक्षण के दौरान एक विकलांग कर्मचारी पर फब्तियां कसते पाए गए। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक चतुर्थ वर्ग के अनुबंधित कर्मचारी को ऊपर से नीचे देखते हुए मंत्री पचौरी ने साथ चल रहे आला अधिकारियों से कहा कि ‘लूलों-लंगड़ों को संविदा पर रख लिया है, ये क्या काम करेगा’ मंत्री की टिप्पणी पर जैसा कि होता है अगल-बगल जमा अधिकारियों व कर्मचारियों ने खींसे निपोर दीं। अपाहिज कर्मचारी शर्म और अपमान से स्तब्ध रह गया। इस घटना का विडियो भी है

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  • एमसीडी नतीजों ने बिछा दी 2018 की बिसात

    on Jul 14, 17 • in Magazine Issues, National, Politics • with No Comments

    manoj tiwari in mcd

    एक विदेशी वेबसाइट के भारतीय लेखक ने ट्वीट किया, ‘नोटबंदी फेल, सायबर सिक्योरिटी फेल, कश्मीर नीति फेल, नक्सल नीति लापता और स्वच्छ भारत वापस, फिर भी सरकार की पौ-बारह.’ उनके सवालिया विस्मय में एमसीडी परिणाम को भी जोड़ लें तो सवाल बनता है कि आखिर बीजेपी की पांचों उंगलियां घी में क्यों हैं? जिस संस्था के प्रशासन से बीजेपी खुद इतनी नाराज थी कि उसने अपने किसी भी पुराने पार्षद को टिकट नहीं दिया, उसमें इस गगन-भेदी विजय का मतलब क्या है? यह नीतियों की विजय है या मोदी-विरोध के तौर-तरीकों की पराजय? वस्तुत: यह

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  • वाटर फुटप्रिंट ही तीसरे विश्वयुद्ध से बचाएगा

    on Jun 28, 17 • in Magazine Issues, Other Story • with No Comments

    water footprint

    क्या है वाटर फुटप्रिंट वाटर फुटप्रिंट शब्द सुनते ही सबसे पहला सवाल यही दिमाग में आता है कि वाटर  फुटप्रिंट है क्या? हमारे प्रतिदिन के बहुत से उत्पादों में आभासी या छुपा जल शामिल होता है. उदाहरण के लिए, एक कप कॉफी के उत्पादन के लिए आभासी पानी की मात्रा 140 लीटर तक होती है. आपका वाटर  फुटप्रिंट केवल आपके द्वारा प्रयोग किए गए प्रत्यक्ष पानी (उदाहरण के लिए, धुलाई में) को ही नहीं दिखाते, बल्कि आपके द्वारा उपभोग किए गए आभासी पानी की मात्रा को भी दर्शाता है. दो  आकड़े हैं. एक 1951 का

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