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Published on May 25, 17 |     Story by |     Total Views : 171 views

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कर्ली और सूखे बालों से हैं परेशान तो आज़माएं फ्रूट रीबॉण्डिंग

हमारी  रोजमर्रा की भागदौड़ भरी जीवनशैली में बालों की सही देखभाल हो पाना ज़रा मुश्किल है। और वहीं अगर बाल कर्ली और फ्रिजी हों तो इन्हें मैनेज करना और भी कठिन हो जाता है। घबराने की जरूरत नहीं है जी हैं ककी हम आपकी इस समस्या के लिए आपको बताने जा रहे हैं इसके ट्रीटमेंट के बारे में आपको आपके बालों को लेकर चिंतित होने की कोई जरूरत नहीं है और  इसीलिए हम आपको बताने जा रहे हैं फ्रूट रिबॉन्डिंग के बारे में जी हाँ  फ्रूट रीबॉण्डिंग एक ऐसा ट्रीटमेंट है, जो इस परेशानी को कुछ हद तक कम कर सकता है।

जानें, इसकी प्रक्रिया और फायदे-नुकसान के बारे में।

बालों की देखभाल बहुत जरूरी है। चेहरे को तो मेकअप से चमकाया जा सकता है लेकिन बालों के साथ ऐसा करना संभव नहीं है। आजकल युवाओं में फ्रूट रीबॉण्डिंग की डिमांड तेजी से बढ रही है। यह ट्रीटमेंट कितना फायदेमंद है और इसके नुकसान क्या हैं, जानिए।

क्या है फ्रूट रीबॉण्डिंग इसके प्रोडक्ट्स में विटमिन ए, डी और ई से भरपूर फलों का एसेंस होता है, जिससे बालों को अंदर तक पोषण और प्रोटीन मिलता है। इससे बाल टूटने से बच जाते हैं। इस ट्रीटमेंट से न सिर्फ बाल स्ट्रेट होते हैं बल्कि उनमें एक्स्ट्रा शाइन भी आ जाती है। हेयर एक्सपर्ट  के मुताबिक, अगर बालों की सही देखभाल की जाए तो यह ट्रीटमेंट 1 से 2 साल तक टिक सकता है, जब तक कि बालों में नई ग्रोथ न आ जाए। फ्रूट रीबॉण्डिंग करने से पहले बालों का टेक्सचर चेक करना बेहद जरूरी है। अगर किसी के बाल बीच से टूट रहे हैं तो यह ट्रीटमेंट इस टेक्सचर के लिए बेस्ट नहीं होता।

क्या है प्रक्रिया इस प्रक्रिया में लगभग 3-4 घंटे का समय लगता है। टेक्सचर चेक करने के बाद बालों को वॉश किया जाता है। इसके बाद बालों के छोटे-छोटे हिस्से करके उन पर फ्रूट रीबॉण्डिंग क्रीम लगाई जाती है। दोबारा वॉश कर मॉयस्चराइजिंग मास्क लगाया जाता है और इन्हें ड्रायर से सुखा कर आयरनिंग की जाती है। दो दिन बाद पावरडोज स्पा से ट्रीटमेंट पूरा होता है। इसमें केमिकल्स की मात्रा बेहद कम होती है इसलिए यह बाकी ट्रीटमेंट्स से बेहतर होता है। इसके बाद केराटिन बेस्ड शैंपू, मास्क और सीरम से ही बालों को वॉश किया जाता है। ट्रीटमेंट के बाद 48 घंटे तक बालों को बांधना या मोडऩा मना होता है।

डिस्क्लेमर : इसमें बालों को हीट प्रोसेस से गुजरना पडता है। ज्यादा हीट स्किन व स्कैल्प को डैमेज कर सकती है। कई बार केमिकल बालों में लगा रह जाता है। इससे बाल झडऩे जैसी समस्या हो सकती है। इसलिए किसी प्रोफेशनल एक्सपर्ट से ही यह ट्रीटमेंट लें।

जरूरी हैं ये बातें दोमुंहे बालों को रीबॉण्डिंग से पहले ट्रिम करा लें क्योंकि रीबॉण्डिंग के समय हीट के कारण बाल बर्न हो जाते हैं। बालों को हमेशा नॉर्मल पानी से धोएं। गर्म पानी के इस्तेमाल से बालों में मॉयस्चर नहीं रहता। रीबॉण्डिंग कराए गए बालों में एक ही हेयरस्टाइल ज्यादा दिनों तक न बनाएं, वरना उनमें वैसा ही शेप बन जाता है। ज्यादातर लडकियां बालों की खूबसूरती बढाने के लिए कलरिंग करवा लेती हैं। इससे बालों को नुकसान पहुंच सकता है।

 

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