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Published on Sep 11, 17 |     Story by |     Total Views : 262 views

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खरीदारों के पक्ष में SC ,जेपी बिल्डर्स भले डूब जाए पर जमा कराए 2000 करोड़

सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी के एमडी सहित सभी निदेशकों के विदेश जाने पर रोक लगा दी है और कहा है कि जरूरी होने पर वह विदेश यात्रा के लिए पहले कोर्ट की इजाजत लें. कोर्ट ने कंपनी पर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि कंपनी बंगाल की खाड़ी में डूबती है तो डूब जाए, हमें घर खरीदारों की फिक्र है. कोर्ट ने इसके साथ बैंकों को जेपी के फ्लैट्स खरीदने के लिए होम लोन लेने वालों के साथ नरमी बरतने के निर्देश दिए हैं.

यही नहीं जेपी इंफ्रा और एसोसिएटस के प्रंबंध निदेशक या निदेशक सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बिना देश छोडकर नहीं जा सकेंगे. इसके साथ ही 7 अक्टूबर तक जेपी एसोसिएटस सुप्रीम कोर्ट में 2000 करोड रुपये जमा करेंगे.सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम इस मामले में खरीदारों को लेकर चिंतित हैं. खरीदार मध्‍यम वर्ग से हैं.ऐसे में हमारी चिंता उनके लिए हैं न कि कंपनियों के लिए. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार की ओर से कहा गया कि दिवाली प्रक्रिया पर रोक लगाने ने कंपनी को हो फायदा हुआ है. मामले की अगली सुनवाई 13 नवंबर को होगी.जेपी इन्फ्राटेक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दिवाला प्रक्रिया में लगी रोक में संशोधन किया है. हालांकि दिवाला प्रक्रिया जारी रहेगी लेकिन कोर्ट ने इस मामले में नए दिशानिर्देश जारी किए हैं. कोर्ट ने मामला इंसोल्वेंसी रिज्युलेशन प्रोफेशनल (आईआरपी) को सौंप दिया है जो जेपी से सारे रिकॉर्ड हासिल करके फ्लैट बायर्स के लिए योजना तैयार करके इस 45 दिनों की समयसीमा के भीतर सुप्रीम कोर्ट को सौंपेंगे.

जेपी समूह की बिल्डर कंपनी जेपी इन्फ्राटेक को लेकर आईडीबीआई बैंक की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई. बैंक ने सुप्रीम कोर्ट में जेपी समूह की बिल्डर कंपनी जेपी इन्फ्राटेक को दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के आदेश पर संशोधन की मांग की है. उसकी ओर से कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है, उससे फ्लैट खरीदारों को नही बल्कि जेपी इन्फ्रा को फ़ायदा हुआ है.

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