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Published on Nov 6, 17 |     Story by |     Total Views :

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गुमनामी में जीवन व्यतीत करने वाले मालचा के प्रिंस का निधन

मालचा महल सरदार पटेल मार्ग पर रोड से करीब एक किमी अंदर घने जंगल में है। इसे 700 साल पहले दिल्ली के मुस्लिम शासक फिरोजशाह तुगलक ने बनवाया था। उस वक्त यह तुगलक का शिकारगाह हुआ करता था। इस चौकोर रूप के महल के हर ओर 6 यानी कुल 24 मेहराब (आर्च) हैं। मरम्मत न होने के चलते इनमें से अब 3 ही सलामत हैं। इनमें राजकुमार और राजकुमारी रह रहे थे। महल में न कोई दरवाजा है, न ही खिड़की। छत टूटी होने के कारण बरसात के दिनों में अंदर पानी भर जाता है।

अवध राजघराने से ताल्लुक रखने वालीं बेगम विलायत महल अपने सारे महल छिन जाने के बाद 1975 में अपने 12 शिकारी कुत्तों, 5 नौकर, बेटी सकीना महल और बेटे अली रजा के साथ नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचीं। करीब 10 साल तक वह नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के वीआईपी लाउंज में रहीं। वे रहने के लिए जगह की मांग करती रहीं। कई बार बातचीत भी हुई पर कोई नतीजा नहीं निकला। आखिरकार तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी उनसे मिलने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचीं। इसके बाद विलायत महल स्टेशन छोड़ने के लिए तैयार हुईं, पर शर्त यह थी कि उन्हें दिल्ली में रहने के लिए सेफ जगह दी जाए। तब जाकर उन्हें मालचा महल दिया गया। विलायत ने केंद्र की 500 रुपए बतौर पेंशन की पेशकश को ठुकरा दिया था। तय हुआ कि महल देने से पहले उसकी मरम्मत कराई जाएगी, पर इंदिरा गांधी की मौत के बाद यह काम रह गया। 1985 में उन्होंने रजा और सकीना के साथ महल में रहना शुरू किया। 10 सितंबर, 1993 में विलायत महल ने खुदकुशी कर ली। इस घटना से सकीना को बेहद सदमा लगा, जिस कारण उन्होंने काफी साल बाहर के किसी शख्स से बात तक नहीं की।

ये सब कहानी एक बार फिर अस्तित्व में आयी क्योंकि बता दें कि गुमनाम जिंदगी जी रहे अवध के प्रिंस अली रजा उर्फ साइरस की मौत हो गई है. वे कई दशकों से खंडहर हो चुके मालचा महल में राजकुमारी सकीना के साथ रह रहे थे. बताया जा रहा है कि उनकी मौत करीब एक माह पहले हुई, लेकिन इसकी किसी को जानकारी नहीं थी.मालचा महल दिल्ली के पास सेंट्रल रिज के घने जंगल में है. यह महल आज खंडहर है. यहां ना तो बिजली है और ना ही पानी. इसके बावजूद प्रिंस अली रजा और राजकुमारी सकीना अपने 12 कुत्तों के साथ इस महल में रहा करते थे.

बचपन में ही हो गई थी शादी

राजकुमारी सकीना और राजकुमार अली रजा की बचपन में ही शादी हो गई थी। यह जानकारी भी प्रिन्स ने दी थी। उन्होंने ये भी बताया था कि राजकुमारी सकीना महल ने ब्रिटिश टीचर्स से अंग्रेजी और दूसरी भाषाओं की तालीम ली है। दोनों की ही उम्र करीब 60 से 65 के आसपास थी। राजकुमार, ब्रिटेन या विदेशों में होने वाले शादी-समारोह में शरीक होने जाते थे। उनके घराने के ज्यादातर रिश्तेदार ब्रिटेन में रहते हैं।

महल से कीमती सामान हटाया

इस महल में पहले पर्शियन कारपेट बिछा हुआ थाद। चांदी की टेबल थी। खाने के बर्तन भी चांदी के थे और कीमती जूलरी भी थी। लेकिन अब ये सभी सामान महल से हटा दिए गए थे। प्रिंस ने बताया था कि कुछ साल पहले बावरिया गिरोह ने राजकुमार के सभी कुत्तों को जहर देकर मार डाला और महल में चोरी कर ली। उसके बाद पुलिस की हिदायत पर सभी कीमती सामान हटा दिया गया। उन्होंने बताया था उनके पास एक तोप भी है जिसे खरीदने के लिए कई बड़े बिजनस घराने से ऑफर भी आए थे लेकिन बेचने से साफ मना कर दिया गया, क्योंकि तोप घराने की शान थी।

राजकुमारी ने लिखी किताब

राजकुमारी सकीना महल ने अपनी मां बेगम विलायत महल पर एक किताब भी लिखी। इसका नाम है ‘प्रिंसेस विलायत महल : अनसीन प्रेजंस’। यह किताब नीदरलैंड, फ्रांस और ब्रिटेन की लाइब्रेरी में तो मौजूद है, लेकिन भारत में नहीं। इस किताब में विलायत महल के जीवन के कई पहलुओं को उकेरा गया है। बेगम विलायत महल की दादी बेगम ताजआरा का भी इसमें जिक्र है।

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